हेके जंगल मां हेक गीद्दड़ रहता। ओ हमेसा आपणे यारा ची बुरायी करता। वाचे लारे लड़ता। ओन्हूं आपणी कोम चे गीद्दड़ ते कुत्ते पसन्द कोन्हीं हुत्ते। ओ आपणे आप नूं हुसियार समझता ते वाचिया बाता नेरा नूं बावड़ती आता।
हेक डियो सारे गीद्दड़ा ने ओन्हूं सबक सिखावणे ची सोचली। वाण्हे सोचले की एच्ची कतरा जीं मार काढ़ू ता हा सुधरती जायी। आखिर छे ता आपणा पा नूं ही सुधारणे पड़ी। वे ओन्हूं कोटणे कल्ले गेल्ले मगर वान्हूं आपणे डुस आती डेखती कन्न गीद्दड़ दरोड़ती पल्ला ता हेक नील ची भरीली आल्ली बाल्टी मां घिरती गेल्ला। जिसे बेल्हे ओ ब़हारू निकड़ला ता ओ पुरा चा पुरा नीला हुत्ती गेलता ला। ओन्हूं डेखती कन्न कुई वी ना पहचाण सगे ले। पर्र ओन्हूं डेखती कन्न जंगल ची सारी जानवरें इंगे-उगे दरोड़ू लागती गेल्ली। हा डेखती कन्न ओन्हूं घणा मजा आवे पलता ला। हिम्मा ता ओ रोज नील आल्ले पाणिया मां झूलती कन्न जंगल चे सारे जानवरा नूं डराऊं लागती गेल्ला।
हेक डियो ओण्हे सोचले की नेरा गीद्दड़ा कन्नू आपणा बदला गिहे। ओण्हे जंगल मां जत्ती कन्न सारे जानवरा नूं बावड़ले की मन्नू नरीकार ने भेजले। सारी जानवरे ओ कन्नू डरती ए सांगू वाण्हे ओच्ची बात मनती गेल्ली ता ओन्हूं आपणा राजा बणाले जत्ती। ओण्हे जंगल चे ताकतवर जानवरा नूं मन्तरी ते सेनापति बणाती नाखले ता जिसे जानवरा कन्नू ओ चिड़ता वान्हूं जंगल मूं काढ़ती छोड़ले। सारी जानवरे सिकार करती कन्न गीद्दड़ चे सामणे चत्ती आती ता ओ वान्हूं ब़ाटती डित्ता।
हेक डियो जंगल ची सारी जानवरे गीद्दड़ लारे ब़हेलती ली। ओ बेल्हे कतरा जीं दूर गीद्दड़ जोरा-जोरा चे रूड़ू लागती गेल्ले। अचानचक वाच्ची अवाज सुणती कन्न नीला गीद्दड़ भूलती गेल्ला ता ओ वी जोरा-जोरा चे रूड़ू लागती गेल्ला। ओ जंगल चे जानवरा नूं हा बात समझी मां आती गेल्ली की हा नरीकार ने कोन्हीं भेजला। हा ता हेक चलाक गीद्दड़ छे। सारे जानवरा ने ओन्हूं घेरती कन्न मारती नाखले।
सीख – आपणा नूं छोड़ती कन्न नेरा पे भरोसा नी करणा चाही छे।