हेके किसान कन्‍नू हेक घणे ब़ुड्‍ढ़े गाड़े हुत्‍ते। हेक डियो ओ किसान चे गाड़े खुवा मां ढेती पल्‍ले। उ गाड़े घणी देर जोरा-जोरा चे रिंगते रहले। किसान चोप्‍पचाप सुणता रहला ता विचार करता रहला की ओन्हूं का करणे चाही छे। आखिर मां ओण्हे सोचले की गाड़े ब़ुड्‍ढ़े हुत्‍ती चुकले ता एन्हूं बचावणे चा कुई फेदा कोन्हीं ता ए सांगू एन्हूं खुवा मां पुरती नाखू। किसान ने आपणे सारे पड़ोसिया नूं हकारले। सारे जीणे आपणा-आपणा पावड़ा चत्‍ती कन्‍न खुवा नूं पुरणे कल्‍ले माटी नाखू लागती गेल्‍ले। गाड़े ची समझी मां नी आल्‍ले की ईं का हुवे पल्‍ले ता गाड़े जोरा-जोरा चे रिंगू लागती गेल्‍ले। बलति उ अचानक चोप्‍प हुत्‍ती गेल्‍ले।

सारे जुवान चोप्‍पचाप खुवा मां माटी नाखते रहले। कतरा जी देरी चे बाद किसान ने खुवा मां डेखले ता ओ अचम्भित रहती गेल्‍ला। गाड़े आपणी कन्डी पे ढेती माटी लारे कुई ना कुई हरकत करे भिलते ले। गाड़े हिलती-हिलती कन्‍न आपणी कन्डी कन्‍नू माटी तले ढाती नाखे ता आपणे पग नूं चत्‍ती कन्‍न माटी ऊपर मेहले जत्‍ती। जींवे-जींवे किसान ते ओच्‍चे पड़ोसी पावड़े लारे माटी खुवा मां नाखी। गाड़े आपणे कन्डी नूं हिलाती कन्‍न माटी नूं तले ढाती कन्‍न विच्‍चे ऊपर चढ़ती जाये। होले-होले गाड़े खुवा ची ब़न्डेरी लारे पुजती आल्ले ता बलति टप्‍पा मारती कन्‍न ब़हारू दरोड़ती पल्‍ले।

सीख- अगर अम्हीं मुसीबत मां फंसती जाऊं ता आपणी मदद चे सारे रस्ते बन्द हुत्‍ती जाओ ता ओ बेल्हे बन्दे नूं हिम्‍मत नी हारणी चाही छे।
 

पंचांग

वरणमाला केदा

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