हेक घणा घाटा जंगल हुत्ता। ओच्चे मां हेक ताकतवर हाथी रहता। सरीर मां वी घणी जान हुत्ती ते कद मां वी घणा बडा हुत्ता। ए सांगू जंगल ची सारी जनावरे ओ कन्नू दूर रहती। ओ आपणे आप नूं जंगल चा राजा समझता। ओ कड्डी वी काये काम मां दखल ना डित्ता ता कान्हूं वी पिरोसान ना करता। बलति वी जंगल ची कई जनावरे ओच्चे पे भुंती। जंगल मां रहणे आल्ले भेडिया नूं हा बात आच्छी ना लागती। वाण्हे सारा मिलती कन्न सोचले की हाथी नूं सब्बक सिखावणा चाही छे ता एन्हूं आपणे रस्ते कन्नू हटावणे चाही छे। एड्डे-बडे हाथी नूं मारती कन्न अमचे कई डिया चा भोजन बणती जायी पर एड्डे-बडे हाथी नूं मारणे कुई ब़ाला ची खेड कोन्हीं। वाचे मूं हेक भेडिया ब़ोडला,“ लड़ाई करती कन्न ता अम्हीं हाथी नूं ना मार सगू पर मायी तरकीब लारे आपू ओन्हूं जरूर मार सगू।” जिसे बेल्हे हा बात नेरे भेडिया ने सुणली ता वे सारे खोस्स हुत्ती गेल्ले ते सारा ने ओन्हूं आपणी तरकीब डिखाणने ची इजाजत डित्ती डिल्ली। भेडिया हाथी कन्नू गेल्ला ता ओन्हूं राम राम करली। हाथी ब़ोडला,“ कूण छी तू, किट्ठू आल्ला? में ता तन्नू जाणी वी ना। तू मां कन्नू किसे काम कल्ले आल्ला।”
महाराज, में हेक भेडिया छे। मन्नू जंगल चे सारे जनावरा ने ता कन्नू भेजले की जंगल चा राजा ही सारा ची डेखभाल करे वे। पर हा सारा मूं बडी सोचणे ची बात छे की ये जंगल चा कुई वी राजा कोन्हीं। अम्हीं सारा ने मिलती कन्न हा फेसला गेहला की तन्नू जंगल चा राजा बणावणे चाही छे। अम्हीं तन्नू जंगल चा राजा बणावणा चाहूं अगर तन्नू कुई एतराज ना हुवे ता तू माये लारे चालती कन्न अमचा राजा बण सगी। राजा बणने ची बात सुणती कन्न ओ खोस्स हुत्ती गेल्ला। थोड़ी देर पहले ता मायी कुई पूछताछ कोन्हीं हुत्ती। हा सोचती कन्न ओण्हे फोरन हामी भरली जत्ती ते भेडिये लारे टुरती पल्ला। भेडिये ने ओन्हूं कहले की अम्हां नूं जलति-जलति चालणे पड़ी नातण मोहरत चा सम्मे निकलती जायी। भेडिया घणी तीक्खे-तीक्खे टुरू लागती गेल्ला।
हाथी वी ब़ड़हा तीक्खे-तीक्खे टुरणे ची कोसिस करे पलता ला। बिच्ची मां हेक जोहोड़ आल्ला। जिसे ऊपर-ऊपर ता पाणी डिसते पर तले घणी दलदल हुत्ती। भेडिया निकड़ा जां हुत्ता ए सांगू ओ टप्पा मारती कन्न निकलती गेल्ला ता पुट्ठे मुड़ती कन्न डेखू लागती गेल्ला। हाथी जींवे आपणे बारी सरीर चत्ती कन्न जोहड़ा मां घिरला ता ओ होले-होले चोरघप मां फंसू लागती गेल्ला। ओण्हे ब़हारू निकलणे ची घणी कोसिस करली पर ओ ब़हारू नीं निकल सगला ते ओण्हे भेडिये नूं साड डिल्ला की मायी मदद कर। में इट्ठू ब़हार ना निकल सगी पल्ला। भेडिया ब़ोडला,“ ओ मुरख हाथी आ, तू माये सिरके गन्दे बन्दे पे विसवास करला जत्ती। मगर हिम्मा भुगत ते आपणी मोत चा घड़िया गेण। हा ब़ोलती कन्न भेडिया दरोड़ती पल्ला ते हा खबर आपणे सारा यारा नूं सुणाली। सारे जीणे खोस्स हुत्ती गेल्ले। ब़ड़हा हाथी बेमोत मेल्ला गेल्ला।
सीख – ए सांगू किहीं वी की काये पे वी फोरन विसवास नीं करणा चाही छे।
- टिपणी डाक करा