सुरज डुब़णे आल्‍ला हुत्‍ता। उसमान मां बद्‍दल बणले भिलते ले। नेम्‍म चे बणा पे राती चे घणे सारे काग ब़ेहलते ले। काग आपस मां कां-कां करती कन्‍न लड़ी ब़ेहलते ले। ओ बेल्हे उट्‍ठे हेक मेना आल्‍ली ता रात काढ़णे कल्ले नेम्‍म चे हेके लड़े पे आती कन्‍न ब़ेसती रहली। मेना नूं डेखती कन्‍न सारे काग विच्‍चे डुस डेखू लागती गेल्‍ले। ब़ड़ही मेना डरती गेल्‍ली ता ब़ोड़ली,“ अन्धारे हुत्‍ती गेल्‍ले। उसमान मां बद्‍दल बणले भिल्‍ले ता कुई बेल्हे ही बारस हो सगे। में आपणा ठिकाणा भूलती गेल्‍ली। आज की रात मन्‍नू हेके कुणे मां ब़ेसती कन्‍न काढ़ू डिया।” काग किट्‍ठू विच्‍ची बात मन्‍ने ले। वे ब़ोड़ले हा ता हो ही ना सगी। ईं बण ता अमचे छे, तूं एचे पे किवें रात काढ़ सगी, नासती जा इट्‍ठू। काग ची बात सुणती कन्‍न मेना ब़ोड़ली,“ बणे ता सारा ची नरीकार छी। अगर बारस हूं लागती गेल्‍ली ते ओले पड़ू लागती गेल्‍ले ता नरीकार ही सारा नूं बचा सगे। में ता घणी निकड़ी छे। तमची ब़हेण छे। माये पे रहम करा ता कई तरहावें हेक रात मन्‍नू इट्‍ठे ब़ेसती कन्‍न काढ़ू डिया।”

मेना ची बात सुणती कन्‍न सारे काग हंसू लागती गेल्ले। बलति ब़ोड़ले,“ अम्हानूं दुद्‍धी सिरकी ब़हेणी ची कुई लोहोड़ कोन्हीं। तूं नरीकार चे ना घणे गिहीं पल्‍ली ता नरीकार चे भरोसे इट्‍ठू जायी कां ना पल्‍ली? तूं अगर कतरा जीं देरी मां इट्‍ठू ना गेल्‍ली ता अम्हीं तन्‍नू इट्‍ठू मारती कन्‍न दुरकाणू। काग नू आपणे डुस आते डेखती कन्‍न मेना उट्‍ठु आपणी जान बचाती कन्‍न नासती पल्‍ली। वा हेके अम्ब चे बणा पे रात काढ़णे कल्ले ब़ेसती रहली। राती चे घणी तिक्‍खी हवा चढ़ली ते बद्‍दल बरसू लागती गेल्‍ले ता ओच्‍चे लारे-लारे बडे ओले वी पड़ू लागती गेल्‍ले। ओले लागणे लारे घणे सारे काग भोहे पे ढेती पल्‍ले। कई काग मरती वी पल्‍ले। मेना अम्ब चे जिसे बणा पे ब़हेलती ली। घणी तिक्‍खी हवा लारे अम्ब चा हेक लड़ा भांती कन्‍न तले ढेती पल्‍ला। अम्ब चा लड़ा भीतरू खोखला हुत्‍ता। लड़े ची खाली जगा मां मेना लुकती गेल्‍ली। मेना नूं ओच्‍चे मां ना ता हवा लागली ना ही ओले लागले। वा सारी रात अराम लारे ब़ेहली रहली।

सवेल हुल्‍ले ते सुरज निकड़ला। मेना उट्‍ठु ब़हारू निकड़ली ता उसमान मां उडरू लागती गेल्‍ली। मेना नूं उडरते डेखती कन्‍न भोहे पे पल्‍ले आल्‍ले काग ब़ोड़ले,“ मेना ब़हेण तूं राती चे किट्‍ठे लुकली रहली ते तूं ओला कन्‍नू किवें बचती गेल्‍ली।” मेना ब़ोड़ली,“ में अम्ब चे बणा चे हेके लड़े पे ब़ेसती कन्‍न नरीकार नूं याद करे ब़हेलती ली ता ओण्हे मायी पराथना सुणती गेल्ली। ओण्हे मायी जान बचाली।” मेना बलति ब़ोड़ली,“ जक्‍को बन्दे नरीकार नूं याद करे वे ता नरीकार ओन्हूं जरूर बचावे वे। ओखे बेल्हे वी नरीकार ओच्‍ची मदद जरूर करे वे।

पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर