हेक डियो सेख चिल्‍ली सवेले-सवेले सहर मां पुजती गेल्‍ला। ओण्हे सहर मूं इण्डी गेहली ते वान्हूं छब़्‍ब़ी मां भरती कन्‍न आपणे ठोडा पे मेहलती घरे टुरती पल्‍ला। घर डुस आते बेल्हे ओच्‍चे मन मां ख्‍याल आल्‍ला की अगर या इण्डा मूं ब़ाले निकड़ली ता मां कन्‍नू घणिया कुकड़िया हुत्‍ती जाये। वे कुकड़िया घणी सारी इण्डी डिये। वा इण्डा नूं सहर मां बेचती कन्‍न में लक्खपति बणती जायी। लक्खपति बणने चे बाद में हेक नोकर राखी जक्‍को मायी सारी कामे करले करी। ओच्‍चे बाद में हेक महल बणावी। ओ घर मां माये लोहोड़ चा सारा चीजा हुवे। रोटी खाणे कल्‍ले, सई काढणे कल्‍ले ते नुझणे कल्‍ले अल्ग-अल्ग माड़िया हुवे।

घर बणावणे चे बाद में हेक सोहणी ते पढली-लिखली छ्‍वेरी लारे बिहा करी। में आपणी घर्राली कल्‍ले हेक नोकरणी राखी ते विच्‍चे कल्‍ले आच्‍छी ओढणी ते गाण्ही गिही। बिहा होणे चे बाद मायी पांच-छाओ ब़ाले हुवे। ब़ाला नूं बडे लाड-पियार लारे पाली ते वाचे बडे ओण्हे चे बाद वाचे बिहे करी। बलति वाच्‍ची ब़ाले हुवे। में आपणे पोतारा लारे हंसी-खुसी खेडले करी।सेख चिल्‍ली आपणे ख्‍याल मां जाये पलता ला। ओ बेल्हे ओच्‍चा पगा नूं ठोकर लागली ता ओच्‍चे ठोडा पे पल्ली आल्‍ली इण्‍डा ची छब़्‍ब़ी बडी जोरा चे भोहे पे ढेली। इण्डा ची छब़्‍ब़ी बोहे पे ढेते ही सारी इण्डी भांली गेल्‍ली। इण्डी भांजणे चे बाद सेख-चिल्‍ली चे ख्‍याल-बाता चे खाब भांती कन्‍न चूर-चूर हुल्‍ले गेल्‍ले।

पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर