मातर भासा

•    कई मातरभासा नूं पचाण ते उकसावणे चाही छे। पर वान्हूं हेक्‍की ब़ोली चे रूप मां छांटणे पड़ी।

•    कई मातरभासा नूं अनडेखे करती कन्‍न कहले गेल्‍ले कि ये ब़ोलिया हेक्‍को ब़ोड़लिया जायी वी। ते लिखले रूप मां कोन्हीं। पर हर मातरभासा भांसू सन्सकरति ते एतिहास ची खुसाल विरासत हुवे वे।

•    अमची ब़ाले मातरभासा ब़ोली वी। पर जिसे बेल्हे वे इस्कूल जाऊं लागती जायी वी ता राज्य भासा मां पड़ाई करी वी ते पड़ाई करणे कल्‍ले कड़ी मेनत करी वी।

•    छेकड़ी मां, इसड़ी ब़ाले या ता इस्कूल मूं ब़हारू निकलती जायी वी या आपणी मातरभासा भुलती जायी वी।

छापणे आल्‍ला-  निरमाण सोसायटी रामगड़
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पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर