भासा विकास चा अस्‍सर

•    यिन्‍नू ब़ोलणे आल्‍ले आपणी भासा, सन्सकरति ते जाति ची पचाण लारे प्‍यार करी वी ते विच्‍चा मान करी वी।

•    जीवें ही पड़ाई मातरभासा लारे सुरू हुवी ता अमची बिरादरी मूं घणी बन्दी पड़ली-लिखली हुत्‍ती जाये।

•    हा तय छे कि कई वी मातरभासा, मोल्ख ची कई ब़ोली मां ग्‍यानी होणे कल्‍ले उकसावे वे।

•    अमची परम्परा, सन्सकरति, धरम, तेवार ते नेरिया कई चीजा नूं नेरिया पीड़िया नूं डेणे।

छापणे आल्‍ला-  निरमाण सोसायटी रामगड़
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पंचांग

वरणमाला केदा

भासा जागरूकता पोस्टर