हेक घणे जंगला मां हेक घणा बड्‍डा सेर रहता। ओ घणा खुंखार हुत्‍ता। ओ सिकार कर्रणे चा घणा सुकीनी हुत्‍ता। ओ रोजाना हेक-डोन नी घणे सारे जानवरां नूं खात्‍ती जत्‍ता। जंग्ला ची सारी जानवरें ओ कन्‍नू डरती। जानवरां  ने सोचले अगर युं ही चलते रहले ता हेक डियो जंगला मां हेक वी जानवर नी बच्‍ची। जंगला ची सारी जानवरें भेल्‍ली हुत्‍ती कन्‍न सेरा कन्‍नू गेल्‍ली।                                                                         

सेर सारे जानवरां नुं डेखती कन्‍न अचमभित्त हुत्‍ती गेल्‍ला। सेरे वा कन्‍नू पुछले,तम्ही सारे जिणे इट्‍ठे कां आल्‍ले। बान्दर हांपत्ती कन्‍न बोड़ला, महाराज तूं आपणी लोहोड़ कन्‍नू घणा सिकार कर्री ते बलति वान्हूं खाई वी ना। ए साग्‍गूं जंगला मां घणी घट जानवरें बचली। तूं कड्‍डी ये बात्ते नूं सोचले कि हा कितनी खतरनाख समसिया छे। सेर बोड़ला, केचा खतरा छे। बान्दर बोड़ला, महाराज अम्हीं वी नी रिहूं तां तूं काय्‍ये पे राज कर्रे।

सेर बोड़ला, में भुख्‍खा ना रहे सग्गी। बान्दर बोड़ला, महाराज अम्हां कन्‍नू हेक तरकीब छे। तन्‍नू आपणी भुख्‍खे कल्‍ले पिरोसान होणे ची लोहोड़ कोन्हीं। अम्हीं दुध्धे खाणे कल्‍ले रोज  हेक जानवर भेजती छोड़ले कर्रू। तन्‍नू सिकार वी नी करणा पड़ी। सेर वाच्‍ची तरकीबे कन्‍नू घणा खोस्स हुल्‍ला। सेरे वान्हूं कहले, जिस्‍से डियो मां कन्‍नू खाणे कल्‍ले कुई जानवर ना पुजले। ओ डियो में तम्हां सारा नूं मारती कन्‍न खाती जायी। जानवरां कन्‍नू नेरा कुई चारा कोन्हीं हुत्‍ता । ए साग्गूं वे सेरा ची बात्त मनती कन्‍न चाहले आल्‍ले। ओ डिया कन्‍नू वे हेक जानवर सेरा कन्‍नू भेजु लागती गेल्‍ले।

थोड़े डिया चे बाद हेक सस्‍ये ची बाजी आल्‍ली। सस्ये सोचले, में अकला चा इतना खतम ता कोन्हीं कि सेरा चा सिकार बणती जाये। सस्ये ने हेक योजणा बणाली। ओ घणे डूफारा चे बाद सेरा कन्‍नू गेल्‍ला। सेर ओन्हूं डेखती कन्‍न गुस्‍से मां बोड़ला,“ तन्‍नू काहणे इट्‍ठे भेजले। तूं घणा  निकड़ा छी ता घणी देरी लारे आल्‍ला। में हिम्‍मा जंगला चे सारे जानवरां नूं खाती जायी। सस्ये बोड़ले, महाराज सारी जानवरें जाणती कि में घणा निकड़ा छे ए साग्‍गूं वाण्हे माय्‍ये लारे पांच सस्‍ये भेजले हुत्‍ते। सेर बोड़ला, नेरे कीट्‍ठो? ससस्य बोड़ले, महाराज अम्हां नूं गेली मां नेरा सेर मिलती गेल्‍ला। ओ चऊं जिणा नूं खाती गेल्‍ला। में बड्‍डी मुसीबती लारे बचती आल्‍ला। ओ आपणे आप नूं जंगला चा राजा किहे पलता ला।

सेर बोड़ला,“किट्‍ठे छे ओ सेर में ओन्हूं मारती नाखी। सस्ये बोड़ले, महाराज ओ घणी बड्‍डी घोरी मां रिहे वे। सस्ये सेरा नूं गेहती कन्‍न उट्‍ठे गेल्‍ले। सेर बोड़ला, किठ्‍ठो ओ सेर? सस्ये बोड़ले,महाराज ओ वे घोरी मां लुकला पल्‍ला। ओ ता कन्‍नू डरती गेल्‍ला। सेरा ने खूवा ची  बन्डेरी पे चढती कन्‍न डेखले। ओन्हूं पाणिया मां आपणी पच्‍छावें डिसली। ओण्हे सोचले नेरा सेर पाणिया मां छे। ओण्हे ओन्हूं मारणे कल्‍ले खूवा मां टप्‍पा मारती डिल्‍ला। ओ पाणिया मां डुबती कन्‍न मरती गेल्‍ला। सस्ये घणे खोस्‍स हुल्‍ले। सस्ये ची ये तरकीबे कन्‍नू जंगला ची सारी जानवरें बचती गेल्‍ली। जंगला ची नेरे जानवरें वी घणी खोस्‍स हुल्‍ली।
शिक्षा- इनसाना नूं हमेसा आपणे अकला चा इसतमाल करणा चाही छे।

पंचांग

वरणमाला केदा

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